50 Percent D A Merged in Basic Pay भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग ने दिनांक 1 जनवरी, 2026 से अपने कर्मचारियों के 50% महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को मूल वेतन (Basic Pay) में विलय करने का निर्णय लिया है और साथ ही मौजूदा पेंशनभोगियों की मूल पेंशन में 50% महंगाई राहत को विलय करने का अलग से निर्णय लिया है।

50 Percent Dearness allowance Merged into Basic Pay salary

Fifty Percent D A Merged in Basic Pay

50% dearness allowance merged into basic pay

It has been decided to merge 50% Dearness Allowance of its employees with Basic Pay from 1st January, 2026.

dinank 1 janwari, 2026 se apne karmchariyon ke 50% mahangai bhatte (Dearness Allowance) ko mool vetan (Basic Pay) mein vilay karne ka nirnay liya hai

1 january 2026 pasun karmcharyanchya mahagai bhattyapaiki 50% rakkam mool vetanat vilin karnyacha nirnay ghenyat aala aahe

वित्त विभाग
संकल्प संख्याः MNO/ROI/1259-31
सचिवालय, दिल्ली

दिनांक: 12-06-2026

       आदेश

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग ने दिनांक 1 जनवरी, 2026 से अपने कर्मचारियों के 50% महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को मूल वेतन (Basic Pay) में विलय करने का निर्णय लिया है और साथ ही मौजूदा पेंशनभोगियों की मूल पेंशन में 50% महंगाई राहत को विलय करने का अलग से निर्णय लिया है।

  1. सरकार ने अपने कर्मचारियों के मूल वेतन में 50% महंगाई भत्ते को विलय करने का निर्णय लिया है और साथ ही मौजूदा पेंशनभोगियों की मूल पेंशन में 50% महंगाई राहत को 1 जनवरी, 2026 से विलय करने का निर्णय लिया है।
  2. इस 50% विलय किए गए महंगाई भत्ते को स्पष्ट रूप से ‘महंगाई वेतन’ (Dearness Pay) के रूप में दिखाया जाएगा ।
  3. 1 जनवरी, 2026 से मौजूदा पेंशनभोगियों की मूल पेंशन में विलय किए गए 50% महंगाई राहत को स्पष्ट रूप से ‘महंगाई पेंशन’ के रूप में दिखाया जाएगा ।
  4. नियम और शर्तेंः

(1) मौजूदा मूल वेतन/मूल पेंशन में महंगाई भत्ते / महंगाई राहत के विलय के लाभ को महंगाई भत्ते की गणना के लिए ध्यान में रखा जाएगा, लेकिन इसे मकान किराया भत्ता (HRA), मानार्थ स्थानीय भत्ता (CLA) और गैर-प्रैक्टिसिंग भत्ता (NPA) आदि जैसे अन्य भत्तों के लिए ध्यान में नहीं रखा जाएगा। प्रभार भत्ता (Charge Allowance), भविष्य निधि (GPF) कटौती और सभी प्रकार के अग्रिमों (Advances) की पात्रता के लिए केवल मूल वेतन को ही ध्यान में रखा जाएगा, यानी इन उद्देश्यों के लिए महंगाई वेतन को ध्यान में नहीं रखा जाएगा ।

(2) 1 जनवरी, 2026 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के मामले में मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी (Death-cum-Retirement Gratuity) की गणना के लिए महंगाई भत्ते के विलय को ध्यान में रखा जाएगा ।

(3) 1 जनवरी, 2026 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों/अधिकारियों के पेंशन रूपांतरण

(Pension Commutation) के लिए केवल मूल वेतन को ध्यान में रखा जाएगा, लेकिन महंगाई वेतन को ध्यान में नहीं रखा जाएगा ।

  1. इन आदेशों के तहत महंगाई भत्ते में की गई वृद्धि 1 जनवरी, 2026 से नकद देय होगी ।
  2. ये आदेश सभी कर्मचारियों, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों तथा उन गैर-सरकारी सहायता प्राप्त (Grant-in-aid) स्कूलों के कर्मचारियों पर लागू होंगे ।
  3. ये आदेश अधीनस्थ न्यायिक सेवाओं (Subordinate Judicial Services) के अधिकारियों पर भी लागू होंगे।
  4. उक्त आदेशों का लाभ प्राथमिक शिक्षकों, प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर गए या पंचायत में स्थानांतरित कर्मचारियों और कार्य-प्रभारित (Work-charge) प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को दिया जाएगा। इसी प्रकार, पंचायतों, स्थानीय निकायों और नगर पालिकाओं द्वारा कर्मचारियों को, गैर-सरकारी माध्यमिक वि‌द्यालयों द्वारा शिक्षकों को और सहायता प्राप्त संगठनों द्वारा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता मंजूर करने पर होने वाले व्यय को इन आदेशों में निर्धारित नियमों के अनुसार विनियमित किया जाएगा। इन आदेशों के कारण होने वाले व्यय को अनुदान योग्य माना जाएगा, बशर्ते कि इस प्रकार स्वीकृत महंगाई भत्ते के अंतर की राशि राज्य सरकार के समकक्ष कर्मचारियों को मिलने वाली राशि से अधिक न हो ।

(सी.वी. कुमार्थी)

अतिरिक्त सचिव (सेवाएं)

वित्त विभाग

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